रांची : लोअर बाजार थाना पुलिस ने जाली नोट के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए नामकुम के कालीनगर निवासी भूतपूर्व सैनिक सुभाष प्रसाद को गिरफ्तार किया है। सुभाष वर्तमान में बोरिंग का काम करता है। उसकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब उसके नाबालिग पुत्र ने मोबाइल खरीदने के लिए ₹500 के जाली नोट का इस्तेमाल किया। दुकानदार की सतर्कता और त्वरित पुलिस कार्रवाई से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
नाबालिग पुत्र को भेजा गया था दुकान, पकड़े जाने पर दिया पिता का नाम
हिंदपीढ़ी निवासी मो. परवेज ने पुलिस को जानकारी दी कि उसकी सुधा कॉम्प्लेक्स स्थित मोबाइल दुकान में एक लड़का आया, जिसने ₹3,500 की मोबाइल खरीदी और ₹500 के सात नकली नोट दिए। नोटों की छानबीन करने पर परवेज को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने लड़के से पूछताछ की, जिसमें उसने खुलासा किया कि जाली नोट उसके पिता सुभाष प्रसाद के हैं और घर में और भी नोट रखे गए हैं।
नाबालिग की सूचना के आधार पर पुलिस ने सुभाष प्रसाद के कालीनगर स्थित घर पर छापेमारी की, जहां उसके बिस्तर के नीचे से 500 रुपये के 29 और जाली नोट बरामद किए गए। इन नोटों में भी कई का सीरियल नंबर एक ही था, जिससे यह साफ हुआ कि नोट एक ही नेटवर्क के माध्यम से बनाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी से एक बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।