जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल की एक करोड़ की कार्डियक एंबुलेंस कभी उपयोग में नहीं आई, अब कंडम घोषित

 जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल की एक करोड़ की कार्डियक एंबुलेंस कभी उपयोग में नहीं आई, अब कंडम घोषित
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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल परिसर में खड़ी करीब एक करोड़ रुपये की हाईटेक कार्डियक एंबुलेंस सहित आठ एंबुलेंसों को हाल ही में परिवहन विभाग ने कंडम घोषित कर दिया है। ये सभी वाहन 23 साल से अधिक पुराने हैं। मोटरयान निरीक्षक द्वारा जांच के बाद एमजीएम अधीक्षक को पत्र भेजकर इन्हें अनुपयोगी बताया गया।

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नेशनल गेम्स के लिए खरीदी गयी थी विशेष कार्डियक एंबुलेंस

विशेष बात यह है कि वर्ष 2011 में नेशनल गेम्स के दौरान एक करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गयी अत्याधुनिक कार्डियक एंबुलेंस एक दिन भी मरीजों की सेवा में नहीं आ सकी।
इस एंबुलेंस को चलता-फिरता ऑपरेशन थियेटर कहा जाता था। इसमें वेंटिलेटर, मॉनिटर, कार्डियक मशीन, स्कोप स्ट्रेचर, ऑक्सीजन पंप, सिलेंडर और बेसिन जैसे आधुनिक उपकरण लगे थे। लेकिन वर्षों तक लापरवाही के चलते यह एंबुलेंस कबाड़ बनकर खड़ी रह गई।

अब होगी नीलामी की प्रक्रिया

एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि सभी आठ वाहनों को कंडम घोषित कर दिया गया है और जल्द ही इनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनमें विंगर, सुमो, ओमनी और दो कारें भी शामिल हैं।

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मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा

फिलहाल एमजीएम अस्पताल के दोनों परिसरों में केवल चार एंबुलेंस कार्यरत हैं। इनमें दो सांसद और एक विधायक द्वारा दी गई हैं, जबकि एक एंबुलेंस अस्पताल की है, जिसकी हालत बेहद खराब है। ऐसे में मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जो मनमाने पैसे वसूलते हैं। अस्पताल में कुल पांच एंबुलेंस चालक हैं, जिनमें केवल एक स्थायी है जबकि चार आउटसोर्सिंग से नियुक्त किए गए हैं।

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