जमशेदपुर : जीएसटी रिफंड से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में सीबीआई ने शनिवार को बिहार और झारखंड के सात स्थानों पर एकसाथ छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान जमशेदपुर सेंट्रल एक्साइज विभाग के एडिशनल कमिश्नर रणविजय कुमार के बिष्टुपुर स्थित सरकारी आवास पर भी छापा मारा गया। सीबीआई टीम ने उनसे लगातार छह घंटे तक पूछताछ की और कई अहम दस्तावेज जब्त किए।
फर्जी बिल से जीएसटी रिफंड, 30 के खिलाफ केस
सीबीआई ने इस मामले में पटना कस्टम विभाग में पदस्थ रहे एडिशनल कमिश्नर रणविजय कुमार समेत 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों और संबंधित फर्मों ने फर्जी एक्सपोर्ट बिल दिखाकर बोगस तरीके से जीएसटी रिफंड क्लेम किया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
एफआईआर के अनुसार, भीमनगर और जयनगर के दो उत्पाद आयुक्त और पटना के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर ने 23 फर्जी फर्मों के नाम पर टाइल्स और मोबाइल फोन के निर्यात के नाम पर बोगस रिफंड क्लेम किया। जांच में सामने आया कि आम लोगों के नाम पर भी फर्जी कंपनियां बनाकर टैक्स रिफंड लिया गया, जिससे करीब 100 करोड़ रुपये की सरकारी चपत लगाई गई।
जमशेदपुर में दो दिन से डटी थी सीबीआई टीम
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम पिछले दो दिनों से जमशेदपुर में डेरा डाले हुई थी और शनिवार को मौका मिलते ही सेंट्रल एक्साइज विभाग में अवकाश होने का लाभ उठाकर बिष्टुपुर के ए-10 सरकारी बंगले में रहने वाले रणविजय कुमार से पूछताछ की। टीम ने इस दौरान 100-100 ग्राम के सात गोल्ड बार, मोबाइल फोन, और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
पूछताछ के बाद सीबीआई ने रणविजय कुमार का आधिकारिक बयान दर्ज किया और कई दस्तावेज अपने साथ ले गई। अधिकारियों ने कहा है कि इन दस्तावेजों का उपयोग आगामी चार्जशीट में साक्ष्य के तौर पर किया जाएगा। फिलहाल, सीबीआई ने रणविजय कुमार की गिरफ्तारी से इनकार किया है, लेकिन माना जा रहा है कि आगे की जांच में और खुलासे हो सकते हैं।