जमशेदपुर : मंगलवार देर रात से हो रही लगातार बारिश के कारण टाटानगर रेलवे यार्ड में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। परिणामस्वरूप दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाली दर्जनों ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल मिश्रा ने बुधवार को टाटानगर पहुंचकर यार्ड का निरीक्षण किया। उनका पूर्व निर्धारित दौरा राउरकेला के लिए था, जिसे उन्होंने रद्द कर टाटानगर की ओर रुख किया।
निरीक्षण के दौरान जीएम अनिल मिश्रा ने पाया कि यार्ड में बारिश का पानी पटरी पर भर चुका है और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो गई है। उन्होंने स्थानीय रेलवे अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को यार्ड में बुलाकर फटकार लगाई।
आपातकालीन टीमें सक्रिय, हाई पावर पंप लगाए गए
जीएम ने स्वयं पानी में खड़े होकर यार्ड का जायजा लिया और तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। रेलवे की आपातकालीन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। यार्ड से पानी निकालने के लिए हाई कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं। इसके साथ ही सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम लगातार काम कर रही है।
24 से 48 घंटे में बहाल हो सकती है स्थिति
रेलवे प्रवक्ता के अनुसार, जलजमाव ड्रेनेज सिस्टम की अस्थायी विफलता के कारण हुआ है। लगातार बारिश से जल निकासी अवरुद्ध हो गई, जिससे प्लेटफॉर्म से जुड़े ट्रैक जलमग्न हो गए। रेलवे ने बताया कि हालात सामान्य होने में 24 से 48 घंटे तक का समय लग सकता है।
यात्रियों के लिए हेल्प डेस्क, यात्रा से पहले जांच जरूरी
रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए टाटानगर, चक्रधरपुर, पुरुलिया और आद्रा स्टेशनों पर हेल्प डेस्क की स्थापना की है। यहां टिकट रद्द करने, वैकल्पिक बुकिंग और मार्गदर्शन के लिए विशेष कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व अपने गंतव्य की स्थिति की जानकारी रेलवे की वेबसाइट या हेल्पलाइन से अवश्य प्राप्त करें।