रांची/जमशेदपुर : राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस मुख्यालय ने एक अहम कदम उठाते हुए 14 इनामी नक्सलियों के नाम सूची से हटा दिए हैं। इन नामों को हटाने की वजह उनकी आत्मसमर्पण, मुठभेड़ में मौत या लंबे समय से निष्क्रियता को बताया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब झारखंड में सक्रिय इनामी नक्सलियों की कुल संख्या घटकर 58 रह गई है।
कोल्हान क्षेत्र बना सबसे बड़ी चुनौती
कोल्हान प्रमंडल पुलिस के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। यहां पांच नक्सलियों पर 25 लाख, 11 पर 15 लाख और 9 नक्सलियों पर 10 लाख रुपये तक का इनाम घोषित किया गया है। प्रमुख नक्सलियों में बीरेन सिंह उर्फ सागर पर 5 लाख और बेला सरकार उर्फ पंचमी पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह संशोधन नियमित समीक्षा प्रक्रिया के तहत किया गया है, जिसमें नक्सलियों की सक्रियता, खुफिया सूचनाएं और घटनाओं में संलिप्तता को आधार बनाया गया है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इससे सुरक्षाबलों को अधिक टार्गेटेड रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
राज्य में फिलहाल तीन नक्सलियों पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। इनमें मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल जी उर्फ सागर (पोलित ब्यूरो सदस्य), असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर (सेंट्रल कमेटी सदस्य) और अनल दा उर्फ तुफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ रमेश शामिल है। इनकी तलाश में झारखंड पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
नक्सलियों की पत्नियों पर बढ़ा इनाम, अब तक का सबसे बड़ा कदम
सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने के लिए नक्सलियों की पत्नियों पर भी इनाम की राशि बढ़ा दी है। इनमें मीना (पत्नी बिरेन सिंह उर्फ सागर) पर ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख, मीता उर्फ नयनतारा उर्फ झुम्पा उर्फ परी (पत्नी रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन) पर ₹2 लाख से ₹5 लाख और पुष्पा महतो उर्फ शकुंतला उर्फ पेरी (पत्नी अतुल महतो) पर ₹5 लाख से ₹10 लाख कर दिया गया है।
राज्य पुलिस ने नक्सल प्रभावित जिलों में सघन तलाशी अभियान और ड्रोन निगरानी तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों की नजर इनामी सूची में शामिल हर नाम पर है। सरकार का उद्देश्य है कि जन सहयोग और रणनीतिक दबाव से नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जा सके।