रांची : झारखंड की 7.5 लाख महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, मंईयां सम्मान से वंचित लाभुकों को जल्द मिलेगा योजना का लाभ

 रांची : झारखंड की 7.5 लाख महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, मंईयां सम्मान से वंचित लाभुकों को जल्द मिलेगा योजना का लाभ
Spread the love

रांची : झारखंड की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अब उन 7.5 लाख महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा, जिन्हें आधार सीडिंग के अभाव में अब तक राशि नहीं मिल पा रही थी। महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई है।

इन सभी महिलाओं ने योजना के लिए समय पर पंजीकरण तो कराया था, लेकिन तकनीकी कारणों से उनके बैंक खातों की आधार सीडिंग नहीं हो सकी थी। अब आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिसके बाद उनके खातों में भी योजना की राशि भेजी जानी शुरू हो गई है।

इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर : नवनिर्मित एमजीएम अस्पताल भवन में ओटी का शुभारंभ, स्त्री एवं प्रसूति विभाग पूरी तरह नए भवन में शिफ्ट

अब तक 44 लाख महिलाओं को अप्रैल की राशि मिल चुकी

मई महीने में जिन 44.70 लाख लाभुकों के बैंक खाते आधार से जुड़े थे, उन्हें 13 मई से ही राशि भेजी जा रही थी। लेकिन आधार सीडिंग के अभाव में 7.5 लाख महिलाएं इससे वंचित रह गई थीं। अब उन सभी के खातों में भी अप्रैल माह की राशि भेजी जाएगी। हाल ही में एक हाई लेवल समीक्षा बैठक में सभी 24 जिलों के डाटा की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि सिमडेगा, रांची, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो जैसे जिलों में बड़ी संख्या में खातों का सत्यापन अधूरा था। अब इन जिलों में भी तेजी से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर : टाटा स्टीलकर्मी की पत्नी से ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, दोस्ती का झांसा देकर जेवर लेकर हुआ था फरार

सत्यापित लाभुकों की संख्या पहुंची 52 लाख

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 53.35 लाख में से 52 लाख महिलाओं के खातों की आधार सीडिंग और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जून महीने में ही 7.65 लाख खातों की आधार सीडिंग की गई है। अधिकारियों ने बताया कि अब योजना के तहत पंजीकृत लगभग सभी लाभुकों के खाते आधार से जुड़ चुके हैं। जिन महिलाओं को अब तक अप्रैल की राशि नहीं मिल सकी थी, उनके खाते में भी जल्द ही पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!